मैंने पूछा साँप से दोस्त बनेंगे आप।
नहीं महाशय ज़हर में आप हमारे बाप।।
नहीं महाशय ज़हर में आप हमारे बाप।।
`~~` `~~`
कुत्ता रोया फूटकर यह कैसा जंजाल।
सेवा नमकहराम की करता नमकहलाल।।
सेवा नमकहराम की करता नमकहलाल।।
`~~` `~~`
जीव मारना पाप है कहते हैं सब लोग।
मच्छर का फिर क्या करें फैलाता जो रोग।।
मच्छर का फिर क्या करें फैलाता जो रोग।।
`~~` `~~`
दुखित गधे ने एक दिन छोड़ दिया सब काम।
ग़लती करता आदमी लेता मेरा नाम।।
ग़लती करता आदमी लेता मेरा नाम।।
No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.