एक आदमी को एक बढ़िया किस्म की शराब की बोतल उपहार स्वरूप मिली। वह उसे लेकर लपकता हुआ घर की ओर जा रहा था। बोतल मिलने की खुशी में वह इतना मगन था कि सड़क पर आती हुई मोटरकार से बचकर निकल न सका। लिथड़ गया। उठकर लंगड़ाता हुआ सड़क पार कर रहा था कि कुछ पतली गर्म चीज टांग पर से बहती हुई मालूम हुई।
''हे प्रभु'' वह दुआ करने लगा।

''यह खून हो।''


------


एक बार आधी रात को शमशान में एक आदमी कब्र पर बैठा हुआ था ।

पास से एक और आदमी गुज़र रहा था उसने उसे इतनी रात में अकेला देखकर पूछा ,

" क्यूँ भई इतनी रात में यहाँ बैठे हो तुम्हे डर नहीं लगता "


"इसमें डरने की क्या बात है अन्दर बुहत गर्मी थी तो थोड़ी देर ऊपर आकर बैठ गया ' ?


-----


एक बार दो भूत रात के समय पेड़ पर बैठे थे तभी नीचे से एक आदमी गुज़र रहा था उसे देख कर एक भूत बोला

"अरे वो देख आदमी जा रहा है "

दूसरा - " अरे आदमी-वादमी कुछ नहीं होते .....सब मन का वहम है "।