नटवर नागर नंदा
भजो रे मन गोविंदा
श्याम सुंदर मुख चंदा
भजो रे मन गोविंदा
तू ही नटवर तू ही नागर
तू ही बाल मुकन्दा
भजो रे मन गोविंदा
सब देवन में कृष्ण बड़े हें
ज्यों तारों में चंदा
भजो रे मन गोविंदा
सब सखियों में राधा जी बड़ी हें
ज्यों नदियों में गंगा
भजो रे मन गोविंदा
मीरा के प्रभु गिरधर नागर
काटो यम का फंदा
भजो रे मन गोविंदा
वृदावन में रास रचायो
नाचत बाल मुकन्दा
भजो रे मन गोविंदा
ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे
नरसिंह रूप धर्ता
भजो रे मन गोविंदा
पल दो पल तुम सत्संग करलो
पल दो पल तुम गीता पड़ लो
छोड़ के गोरख धंदा
भजो रे मन गोविंदा
No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.